Vitiligo

विटिलिगो

विटिलिगो

विटिलिगो (Vitiligo) एक त्वचा रोग है जिसमें त्वचा के कुछ हिस्से पर मेलेनिन पिगमेंट की कमी हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप उन क्षेत्रों पर सफेद या पीले दाग या छाले (white or yellowish patches) बन जाते हैं। मेलेनिन एक पिगमेंट होता है जो त्वचा, बाल, और आंखों को रंग देता है।

विटिलिगो का प्राथमिक कारण त्वचा के मेलेनिन उत्पादन की असमान्य कार्रवाई या त्वचा के मेलेनोसाइट्स (melanocytes) के नष्ट हो जाने में विफलता होती है। इसके बावजूद, विटिलिगो के कारणों का पूरी तरह से समझना अभी तक मुश्किल है, लेकिन कुछ मान्यता प्राप्त कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

ऑटोइम्यून रोग: इस त्वचा रोग के कुछ मामलों में, शरीर का ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया मेलेनोसाइट्स को हानि पहुँचाने के रूप में कार्रवाई करता है।

विटिलिगो के कारण,लक्ष्ण, एवं इलाज

आनुवांशिक कारण: यदि किसी के परिवार में विटिलिगो के मरीज हैं, तो इसका किसी के बच्चों को भी होने का खतरा बढ़ जाता है।

पर्यावरणीय कारक: कुछ पर्यावरणीय कारक जैसे कि त्वचा के जख्म, रासायनिक प्रभाव, या त्वचा के संपर्क में आने वाले किसी कीटाणु के कारण भी विटिलिगो हो सकता है।

विटिलिगो के इलाज में डर्मटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) की सलाह लेना महत्वपूर्ण है। इलाज के लिए विभिन्न विधियाँ होती हैं, जैसे कि टॉपिकल स्टेरॉयड और फोटोथेरेपी (light therapy)। इसके अलावा, कुछ मामलों में डेपिगमेंटेशन (depigmentation) भी किया जा सकता है, जिसमें बाकी त्वचा को सफेद किया जाता है ताकि विटिलिगो के सफेद छाले के साथ समान रंग हो।

विटिलिगो का इलाज लंबा समय लेता है और पूरी तरह से सफलता गारंटी नहीं देता है, लेकिन इसके द्वारा सफेद छालों को कम करने और त्वचा को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।