List Of Bhasams

स्‍वर्ण भस्‍म युक्‍त दवा स्‍मृति, एकाग्रता, समन्‍वय और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करती है. स्‍वर्ण भस्‍म को अवसाद, मस्तिष्‍क की सूजन और मधुमेह के कारण न्‍यूरोपैथी जैसी स्थितियों के विरुद्ध भी उपयोग किया जाता है. खासतौर पर पुरुषों के यौन स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने के लिए स्वर्ण भस्म का उपयोग किया जाता रहा है.

हीरक भस्म एक आयुर्वेदिक दवा है जो स्वास्थ्य बीमारियों और सामान्य कमजोरी का इलाज करती है. यह एनीमिया को ठीक करने में मदद करता है, ट्यूबरसिस और प्रतिरक्षा को बढ़ाता है

गुग्गुल एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, यह शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरा करता है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर आप गुग्गुल का सेवन कर सकते हैं। 250 मिग्रा. गुग्गुल में करीब 2 ग्राम कैल्शियम होता है। आयुर्वेद में जोड़ों में दर्द होने पर अक्सर गुग्गुल का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

 

एक पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है जो जिंक से तैयार किया जाता है। इसे आयुर्वेदिक अभ्यास में जिंक को एक धूलि की तरह की पाउडर में परिवर्तित करने के लिए कई शोधन और शोषण प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। यशद भस्म का माना जाता है कि इसमें श्वसन संबंधित समस्याओं, त्वचा विकारों और पाचन संबंधित समस्याओं के इलाज में विभिन्न चिकित्सकीय उपयोग हो सकते हैं। आयुर्वेदिक विधि के तहत उपयोग करते समय एक कुशल आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
एक पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है जो रजत (सिल्वर) से बनाई जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रथा में अल्पकालीन में रजत को अत्यधिक उच्च ताप पर ताड़ा या पिघलाकर बनाया जाता है और इसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, ताकि यह एक पाउडर की तरह हो सके। रजत भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग विभिन्न चिकित्सकीय स्थितियों, जैसे कि ताक़त देने वाला, शांति प्रदान करने वाला, और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किया जाता है। आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
एक पारंपरिक आयुर्वेदिक दवा है जो रजत (सिल्वर) से बनाई जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रथा में अल्पकालीन में रजत को अत्यधिक उच्च ताप पर ताड़ा या पिघलाकर बनाया जाता है और इसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, ताकि यह एक पाउडर की तरह हो सके। रजत भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग विभिन्न चिकित्सकीय स्थितियों, जैसे कि ताक़त देने वाला, शांति प्रदान करने वाला, और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किया जाता है। आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप किसी प्रमाणित आयुर्वेदिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे व्यक्तिगत स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
अभ्रक भस्म, जिसे Abhrak Bhasma भी कहा जाता है, एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है जो मिश्रित धातु (सांबर) से तैयार की जाती है। यह भस्म आयुर्वेदिक चिकित्सा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में प्रयुक्त होता है। अभ्रक भस्म का उपयोग श्वसन संबंधित समस्याओं, पाचन संबंधित समस्याओं, त्वचा समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए किया जाता है। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
अकीक भस्म, जिसे Akik Bhasma भी कहा जाता है, एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो हीरे (डायमंड) से तैयार की जाती है। इसे धूलि की तरह की पाउडर में बनाया जाता है और इसका आयुर्वेदिक उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज में किया जाता है, जैसे कि पाचन संबंधित समस्याएं और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
मंडूर भस्म कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
ताम्र भस्म (Tamra Bhasma) एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो ताम्र (कॉपर) से तैयार की जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रथा के अनुसार ताम्र को पुनः संवृत्ति करने और शुद्ध करने के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरकर धूलि की तरह की पाउडर में बनाया जाता है। ताम्र भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं, जैसे कि पाचन संबंधित समस्याएँ, त्वचा समस्याएँ, और अन्य रोगों के इलाज में किया जाता है। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
शंख भस्म (Shankh Bhasma) एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो शंख (कॉन्च शेल) से तैयार की जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रक्रिया के माध्यम से शंख को पुनः संवृत्ति करके और शुद्ध करके बनाया जाता है और फिर धूलि की तरह की पाउडर में परिवर्तित किया जाता है। शंख भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग पाचन संबंधित समस्याओं, अम्लपित्त (एसिडिटी) के इलाज, और गैस्ट्रिक समस्याओं में किया जाता है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों में भी किया जा सकता है। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
कसीस भस्म (Kasisa Bhasma) एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो फेरस सल्फेट (Iron Sulfate) से तैयार की जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध किया जाता है और पाउडर की रूप में बनाया जाता है। कसीस भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग आनेमिया (रक्त की कमी), पाचन संबंधित समस्याएँ, और त्वचा समस्याएँ के इलाज में किया जाता है। इसका उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में ताकत प्रदान करने और स्वास्थ्य को सुधारने के लिए भी किया जा सकता है। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।
मोती भस्म (Moti Bhasma) एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो मोती (पर्ल) से बनाई जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध किया जाता है और पाउडर की रूप में तैयार किया जाता है। मोती भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग बारीकी, त्वचा समस्याएँ, और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए किया जाता है। यह औषधि विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी प्रयुक्त हो सकती है। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं। कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।

लोह भस्म (Loh Bhasma) एक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि है जो लौह (आयरन) से तैयार की जाती है। इसे आयुर्वेदिक प्रक्रिया के माध्यम से शुद्ध किया जाता है और पाउडर की रूप में तैयार किया जाता है। लोह भस्म का आयुर्वेदिक उपयोग आनेमिया (रक्त की कमी), पाचन संबंधित समस्याएँ, और त्वचा समस्याएँ के इलाज में किया जाता है। इसका उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में ताकत प्रदान करने और स्वास्थ्य को सुधारने के लिए भी किया जा सकता है।

कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।

कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।

कृपया ध्यान दें कि आयुर्वेदिक उपयोग करते समय यह महत्वपूर्ण है कि आप एक प्रमाणित आयुर्वेदिक वैद्य के मार्गदर्शन में करें, क्योंकि वे आपके स्वास्थ्य की आवश्यकता के आधार पर उपयुक्त मात्रा और उपयोग के बारे में सलाह दे सकते हैं।